कब तक झूठ बेचेंगे महोदय...!
न्यायालय में यदि कोई आरोपी यह कहे कि महोदय रामू ने 18 लोगों को मौत के घाट उतारा है तब आपने उसे सजा दिया है और मुझे केवल एक हत्या पर सजा यह तो गलत है, मुझे अभी 17 हत्या और करने दिया जाये तो शायद यह हो कि उम्र कैद की सजा को बिना अगला हत्या किये ही न्यायधिष फांसी में बदल दें। किन्तु भारत देष का लोकतंत्र ऐसा है जहां पर नागरिकों ने राजनैतिक दलों के नेताओं को इतनी छुट देकर रखी हुई है कि यदि उन्हें उनके वायदे याद दिलाईये तो बोलते हैं कि उन्होंने तो 60 साल राज किया और कुछ किया ही नहीं और हम से सिर्फ 6 महिने में हिसाब मांगा जा रहा है। ऐसे लोगों से मैं पुछना चाहूंगा कि यदि आपको यहीं बोलना था तो फिर आपने लोगों से झूठ क्यों बोला महाष्य!
कुछ सवाल जो मैंने कुछ समय में नोट किया है:-
1. यूपीए शासनकाल में एफडीआई का हमेषा विरोध करने वालों ने आते ही सबसे पहले कई क्षेत्रों में प्रवेष दिया, जो कि सही है, देष के आर्थिक मजबुति एवं रोजगार के लिये, किन्तु आप तो एफडीआई के विरोध के दम पर आये थे, फिर आपने उसे लाया समझ में नहीं आया।
2. आपने काले धन के मामले पर हमेषा विपक्षी पार्टी को सत्ता में आने से पहले घेरा। आपने चुनाव के दौरान कहा 100 दिन में काला धन लायेंगे। अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब आपको चुनाव से पहले ही सारे नियम कायदे, समझौतों की जानकारी थी तो फिर आपने चुनाव के दौरान लोगों से झूठ क्यों बोला कि 100 दिनों में कालाधन लेकर आयेंगे।
3. चुनाव पूर्व आपने कहा कि आते ही पहला काम करेंगे आमजनों को राहत देंगे और महंगाई कम करेंगे। महोदय पेट्रोल-डीजल के दाम जरूर कम हुए ये अंतराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करता है, किन्तु आलू 30 रूपये किलो बिक रहा है, सब्जी के दाम लगातार बढ़े हैं, कम नहीं हुये जब दैनिक जीवन में ही महंगाई कम नहीं हो पाया 6 महिने में तो आगे कैसे माने कि महंगाई कम होगी।
4. आपने हमेषा पिछली सरकार को कष्मिर मुद्दे पर लताड़ा, कहा हम आयेंगे तो धारा 370 समाप्त होगी, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देंगे, महोदय सीजफायर का उल्लंघन आज भी रोज हो रहे हैं और 370 का क्या हुआ सरकार हमें समझ में नहीं आया।
आगे मैं लिखना नहीं चाह रहा हूं क्योंकि आपके भाषण के जीतने भी लच्छेदार शब्द आपने बोले हैं, उसमें सत्यता कम, झूठ व मकारी ज्यादा है, क्योंकि एक भी ऐसी चीज जो कि आपके आने से सही हुई हो मुझे बता दें तो शायद मैं उसे सभी को बता सकुं। आपके आने के बाद केवल यह हुआ है कि लाल कृष्ण आडवाणी बैकफुट पर हैं, राजनाथ सिंह की पहचान खो सी गई है और सुषमा स्वराज को यह समझ में नहीं आ रहा है कि विदेष मंत्री कौन है। मंत्री बनने के बाद बेचारी सुषमा स्वराज भाषण देने को तरस गई है। म.प्र. व छ.ग. के मुख्यमंत्रीयों की कुर्सी कब चली जाये, वे अपनी कुर्सी बचाने प्रयासरत हैं, उनके कुर्सी को कंट्रोल करने आपने जो नंगी तलवार लटका रखी है, उसने म.प्र. व छ.ग. राज्य की फिंजा को ही बदल दिया है।
महोदय कुछ तो अच्छा किजिये जिससे प्रधानमंत्री पर देषवासियों को नाज हो हजारों रूपये के कपड़े पहन कर पीएम और मिनिस्टर कितना कचड़ा साफ कर रहे हैं, स्वच्छता अभियान के सामने देष देख रही है, पहले मंत्रियों के आने पर गांव व गलियों की सड़कों को ठीक किया जाता था और साफ सफाई की जाती थी और आज स्थिति यह है कि आपके मंत्री गांव व गलियों का कचड़ा साफ करने नहीं जाते जो पहले से साफ होता है वहां साफ सफाई करने जाते हैं और उनके आने से पहले म्युनिसिपल वाले कचड़ा डाल जाते हैं, क्या ऐसे में ही आयेंगे अच्छे दिन।
महोदय, आप बहुत बड़े नेता जरूर हैं आज देष के युवाओं के रोल माॅडल हैं, किन्तु सच तो यह है कि आपने सत्ता झूठ बोल कर पायी है और यदि पांच सालों में आपने जो बोला वह नहीं किया तो फिर याद रखिये देष की यहीं युवा ऐसे जगह पर उठा कर फेंकेगी की कोई कुछ नहीं कर पायेगा, क्योंकि कांग्रेस का क्या हाल है आप तो देख ही रहे हैं और भाजपा में अब अटल आडवाणी का चल नहीं रहा कि वे फिर से उसे खड़ा कर पायेंगे। यदि देष के लिये कुछ करने आयें हैं तो कर के तो दिखाईयें आप तो कहते हैं कि साठ सालों में उनसे हमने कभी नहीं पुछा और ये 6 महिने में जवाब मांग रहे हैं तो महोदय आपने ऐसा कहा है आने से पहले आपसे 6 महिने नहीं बल्कि 6 दिन में जवाब मांगा जाना चाहिए था, लेकिन इस बिकाऊ मिडिया ने चुनाव के बाद कभी यह सर्वें किया ही नहीं कि देष कि जनता इन 6 महिनों में कितना खुष है, मेरी बात मानिये यदि चुनाव हुए तो अबकी सरकार बनाने के लिये आपको गठबंधन का सहारा लेना पड़ेगा और आप की भी स्थिति मनमोहन सरकार के समान हो जायेगी, अपने सरकार का रिर्पोट कार्ड लेने के लिये एक और चुनाव करा कर देंखें महोदय, सच और झूठ सामने आयेगी।